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A Brief History of Udit Narayan Inter College
In 1933, Raja Bahadur Brajnarayan Singh, Padrauna Raj and Rai Bahadur Jagdish Narayan Singh, Jagdish Garh Padrauna established a trust named Udit Narayan Kshatriya High School Society Padrauna in the pious memory of his father Udit Narayan Singh Judeo for the educational development of the regional people. This generous effort made by the Padrauna State became a long-standing Kriti Pillar, which is highly appreciated and a constant inspiration to social workers.
AIM
The purpose of the establishment of the school is to provide basic education for the all round development of the students. Entrants in this school are expected to take proper care towards character development with serious study and aspire to become conscious citizens of the nation and will be a source of inspiration to others with their modesty, courtesy and courtesy.
विद्यालय का संक्षिप्त इतिहास-
सन 1933 में राजा बहादुर ब्रजनारायण सिंह, पडरौना राज तथा राय बहादुर जगदीश नारायण सिंह, जगदीश गढ पडरौना ने अपने पिता उदित नारायण सिंह जूदेव की पुण्य स्मृति में उदित नारायण क्षत्रिया हाई स्कूल सोसाइटी पडरौना नामक ट्रस्ट की स्थापना क्षेत्रीय जनता के शैक्षिक विकास हेतु किया । पडरौना स्टेट द्वारा किया गया यह उदारतापूर्ण प्रयास अत्यन्त सराहनीय तथा समाजसेवी व्यक्तियों को सतत प्रेरणा देने वाला चिरस्थाई कीर्ति स्तम्भ सिद्व हुआ ।
उद्देश्य’; –
विद्यालय की स्थापना का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिये आधारभूत शिक्षा प्रदान करना है । इस विद्यालय में प्रवेशार्थियों से अपेक्षा की जाती है किं वे राष्ट्र के प्रति दायित्व चेतन नागरिक बनने की आकांक्षा लेकर गंभीर अध्ययन के साथ चारित्रिक विकास की ओर समुचित ध्यान देंगे तथा अपने शील, सौजन्य एवं शिष्टता से दूसरों के लिये प्रेरणा स्रोत सिद्व होंगे ।